Tuesday, September 16, 2008

उमर लग जाये उन्हें.....!!!!


प्यार का जिस ने मुझे एहसास दिलाया
जिस के कंधे ने मेरे असू पीए कही बार …
जिन बाँहों ने मुझे सहारा दिया,
दिल में जिनकी सबसे खास-अनोखी जगह है,
जिन्होंने ने मेरे जीवन को आधार दिया
हर मुशकिल राह को जिसने आसां किया ,
खुश रहें सदा वो दिल से !!
कोई गम ना हो, बस ये सौगात मांगती हूँ


ए खुदा मेरी भी उमर लग जाये उन्हें
हर वक़्त हर घडी ,आपसे उनका साथ मांगती हूँ


दिल दुखाया है मैंने , कई बार..
जानती हूँ… और सजा भी खुद आज मांगती हूँ …


मेरी आत्मा है वो न कोई उन जैसा मेरे लिए
हर जनम ,अपने साथ उनका हाथ मांगती हूँ


पलक

4 comments:

amul said...

Hi Pal,

its Really Wonderful ..

शहरोज़ said...

सलाम-नमस्ते!
ब्लॉग की दुनिया में हार्दिक अभिनन्दन!
आपने अपनी व्याकुलता को समुचित तौर से व्यक्त करने का प्रयास किया hai.
अच्चा लगा, इधर आना.

फुर्सत मिले तो आ मेरे दिन-रात देख ले

http://shahroz-ka-rachna-sansaar.blogspot.com/

http://hamzabaan.blogspot.com/

http://saajha-sarokaar.blogspot.com/

Anonymous said...

"Agar Tumhara Saath Ho To Duniya Badal Sakta Hun, ... Mera Saya Mere Saath Ho Na Ho Tumhara Saath Hamesh Mere Saath Hota Hai"

Pearl...

raaaj said...

सुंदर कविता... rather a गझ़ल.. brought some old events and people to mind...