Thursday, March 13, 2014



वो एक खत जो उस ने 

कभी लिखा  ही नही 

मै रोज  बैठ कर उसका 

जवाब लिखती  हु 

इतना सा यकिन..............!!!



अपनी महोब्बत  पर सिर्फ़ इतना सा 

यकिन हैं

मुजे ..!

मेरी वफ़ऎ उस को किसी और का 

होने नही  देगी ..!!



Wednesday, March 12, 2014

Proud of u...





 एक फ़ौजी  के दिल् कि बात ...
जब वो युद्ध पर जाता है तो अपने साथी से बोलता है :



जब मे शहिद  हो जाउ....

“साथी घर जाकर मत कहना,संकेतो में बतला देना.."



मेरा हाल मेरी बहना पूछे तो, सर उसका सहला देना



इतने पर भी न समझे तो, राखी तोड़ देखा देना !



“साथी घर जाकर मत कहना,संकेतो में बतला देना.."


मेरा हाल मेरे पत्नी पूछे तो, मस्तक को झुका लेना


इतने पर भी न समझे तो, मांग का सिन्दूर मिटा देना !


“साथी घर जाकर मत कहना,संकेतो में बतला देना .."


मेरा हाल मेरी माँ पूछे तो, दो आंसू छलका देना



इतने पर भी न समझे तो, जलता दीप बुझा देना !



“साथी घर जाकर मत कहना,संकेतो में बतला देना.."



मेरा हाल मेरे बूढ़े पिता पूछे तो, हाथो को सहला देना



इतने पर भी न समझे तो, लाठी तोड़ दिखा देना ...!


ना कहना किसी से शब्दॊ से

बस बतला देना संकेतो में 

 कि अब ना मै वापिस आउगा 

ना आउगा .................

* Dedicated to all soldiers of our country..Specially dedicated to very special person of my life..  

Palak .....




अब के आओ तो किसी बाग  मे मिलने आना ...


फिर से एक बार गुलबॊ  का दिल जलाना है ...

Tuesday, March 11, 2014

सिर्फ़् तेरे लिये ये जीवन...


वो तेरा इश्क़् ..
तेरे वादे ....
वो पेहली  मुलाक़ात् ....
वो धडकता  हुअा  तेरा दिल्...
वो तेरा स्पर्श ...
वो बिस्तर कि सिलवटे ....
वो जाते वक़्त् मेरे  आसू ..
और ..तेरा वो बेबस सा चेहरा ..
वॊ छुटते  हुए हमारे हाथ ...
और फ़िर् एक सदी सी लम्बी  जुदाई ...
अचानक ...
सब खत्म ....
यही तो ना था अन्जाम - ऎ  - महोब्बत....


PG 








के आखरी सांस तक मुज से रुबरू  रहेगी तेरी यादे ...
शायद्  के तेरे खयालो  मै कल तक  मेरा नाम भी ना हो.... 


Saturday, September 21, 2013

ऊफ़् ये कैसे वक़्त के पल आये






ऊफ़् ये कैसे  वक़्त  के  पल  आये 

या है  तेरी  नजरो  कि  साजा 

जो  हम   थे  कभी  तेरे दिल  के  ताज 

कल  तक  थे  तेरी  नजरो  मै  चाद 

वो  आज किसी कबर मे दफ़न् 

हो के  रह  गया एक  सुखा  सा  गुलाब 


पल