Tuesday, June 24, 2008

में कौन ....?

आज भि यही सवाल मेरे ज़हन ढूढ़ रही ना जाने कब से, मैं कौन?
शायद वो...
जो गुडयिया से घर-घर खेले गीतों के धुन पे मोरनी बन नाचे कटी पतंगो,कभी तितलियों के पीछे भागे॥
माँ की डांट पर कोने बैठ मुँह पूलायीं बहना से लड़ उसकी टोफ्फी चुरा खाये ...
शायद वो...
कभी इक सांस में मंदिर की सीढिया चढे कभी सालो इश्वर को अपने में ही ।ढूढे बिन परवाह किये बिन सब बंधन तोड़ दे ....अपनी हथेली सजी मेहंदी को ही रोंद दे कभी बन पहाड़ घर-परिवार संभाले कभी शोला बन दुनिया फूंक डाले ....
शायद वो...
इंसानी रिश्तो को बारीकी से समझे कभी उन्ही रिश्तो में छली जाए आधि अधूरी ज़िन्दगी को हाथो में समेटे कभी दुनिया को अलविदा कह जाए फिर भि अब तलक ना पतामैं कौन ... पलक ........

2 comments:

Anonymous said...

MALOOM NAHAI KYON YAAD AATE HOO
SANSOO MAIN TUM BUS GAYE HOO.
ANKHOO MAIN TUM MERE SAAMA GAYE HOO.
MALOOM NAHI KYON ITNA YAAD AATE HOO.
ANKHOO MAIN TUM.
SANSOO MAIN TUM.
BUS TUM HI TUM.
YOON HUMHE ITNA YAAD AATE HOO.
MERI SUBHAA TUM.
SHAAM TUM.
HER PAAL MAIN TUM.
TUM KAUN HOO.
YOON HUM KOO BAYCHAIN KARTE HOO.
MERA HAR LUMHHA MUJH SE CHURRA LAAATE HOO.
MUJHE BAYCHAIN KARTE HOO.
TUM KOON HOO..

Pearl...

Palak said...

hii