Thursday, July 24, 2008

बड़ी गहराई से चाहा है तुजे

बड़ी दुआओं से पाया है तुजे

तुजे भूलने की सोच भी नाकाम होती है

किस्मत की लकीरों से चुराया है तुजे

2 comments:

Anonymous said...

तुम्हे भूलू वो जिंदगी का आखरी दिन हो...
Pearl...

Dr. Ravi Srivastava said...

yadein yaad aati hain.
chehrey bhool jatey hain.