Wednesday, July 23, 2008

यादे...

कुछ नम लम्हों की मुस्कुराती यादे
उन खामोश लम्हों की बोलती यादे


दिन मैं तेरे नूर से रोशन यादे
शाम की लाली से बुजी बुजी वो यादे


वो समंदर की गेली रेत पैर संग तेरे चलना
अज सागर की लहर ने मिटा ली वो यादे


बरसात की बूंदों मैं हमारा यु गुम होना
वही बूंदें आज असू बन कर आती है यादों मैं


तेरे संग रातों मैं चाँद को ताकते रहना
बिखर कर अब तो तारे हो गई वो यादे


जिस सफर मैं दो पल का हम सफर था वो
उस राह पैर खड़ी अकेली वो यादे


जिस को एक पल के लिए ना भूल सके हम
उन के लिए बस बुन कर रह गई वो यादे ....


...पलक...

8 comments:

Anonymous said...

हर आहट एहसास दिलाएगी,हर हवा किस्सा हमारा सूनाएगी ,हम इतनी यादें भर देंगे आपके दिल में न चाहते हुए भी आपको याद हमारी आएगी….
पर्ल...

reema said...

palak

nice post ....

sahil said...

जब किसी से कोई गीला रखना
सामने अपने आईना रखना

यूं उजालों से वासता रखना
शम्मा के पास ही हवा रखना

घर कि तामीर चाहे जैसी हो
इसमें रोने कि जगह रखना

मस्जिदें हैं नामाजियों के लिए
अपने घर में कहीं खुदा रखना

मिलना-जुलना जहाँ जरूरी हो
मिलने-जुलने कि हौसला रखना

Ravi said...

Karoge yaad to har baat yaad ayegi, Suhane waqt ki har mauj thehar jayegi, talash karoge jo humse behtar dost koi, nigaah door talak ja ke laut aayegi.

...Ravi
http://mere-khwabon-me.blogspot.com/

Pankti said...

Pal

simply great
waititng for ur next post..

Pankti

Anonymous said...

Baad mudaat ke hum tum milay
mud ke dekha to thay fasalay
chaltay chatly thokar lagi
Yade
wade
awaz dete na kash..

raaaj said...

Dhoop tumhari yaad dilaati,
Chhanw tumhari hi baaten hai.n,
Aankhe ek jhalak ko pyaasi,
Bhule nahi.n bhula paate hai.n,

simply gr8 palak!

....raaaj

raaaj said...

Dhoop tumhari yaad dilaati,
Chhanw tumhari hi baaten hai.n,
Aankhe ek jhalak ko pyaasi,
Bhule nahi.n bhula paate hai.n,

simply gr8 palak!

....raaaj