Wednesday, March 12, 2014




अब के आओ तो किसी बाग  मे मिलने आना ...


फिर से एक बार गुलबॊ  का दिल जलाना है ...

Tuesday, March 11, 2014

सिर्फ़् तेरे लिये ये जीवन...


वो तेरा इश्क़् ..
तेरे वादे ....
वो पेहली  मुलाक़ात् ....
वो धडकता  हुअा  तेरा दिल्...
वो तेरा स्पर्श ...
वो बिस्तर कि सिलवटे ....
वो जाते वक़्त् मेरे  आसू ..
और ..तेरा वो बेबस सा चेहरा ..
वॊ छुटते  हुए हमारे हाथ ...
और फ़िर् एक सदी सी लम्बी  जुदाई ...
अचानक ...
सब खत्म ....
यही तो ना था अन्जाम - ऎ  - महोब्बत....


PG 








के आखरी सांस तक मुज से रुबरू  रहेगी तेरी यादे ...
शायद्  के तेरे खयालो  मै कल तक  मेरा नाम भी ना हो.... 


Saturday, September 21, 2013

ऊफ़् ये कैसे वक़्त के पल आये






ऊफ़् ये कैसे  वक़्त  के  पल  आये 

या है  तेरी  नजरो  कि  साजा 

जो  हम   थे  कभी  तेरे दिल  के  ताज 

कल  तक  थे  तेरी  नजरो  मै  चाद 

वो  आज किसी कबर मे दफ़न् 

हो के  रह  गया एक  सुखा  सा  गुलाब 


पल 

Tuesday, May 21, 2013



चलते चलते थक कर पूछा पाव के छालों ने 
बस्ती कितनी दूर बसा ली दिल मैं बसने वालों ने 

तू मिल जाये तो दुआएं छोड़ दू  मांगना 

मेरी तलब ख़तम हो जाती है तुजे पाने के बाद 

पल 

Monday, May 20, 2013





सिलसिला तोड़ दिया उस ने 

तो अब ये सदाएँ कैसी ???

अब जो मिलना ही नहीं 

फिर ये  वफायें कैसी ???

मैंने चाहां था 

सब शिकवे गिले दूर करू 

उन्होने ज़हमत ही ना की 

सुनने की तो अब शिकायत कैसी  ???


ले लो वापीस ये आसू ..ये तड़प  

और ये यादें सारी ..

नहीं कोई जुर्म मेरा 

तो अब ये सजाएं कैसी ???

पल