आँसू-ओं के चलने की आवाज़ नही होती,
दिल के टूट ने की आहात नही होती,
अगर होता खुदा को हर दर्द का एहसास,
तो उसे दर्द देने की आदत नही होती!
मेरी तम्मनाये करे कब तक इंतजार कोई भी दुआ इसे गले क्यों नही लगती, अगर हो जाती मुरादें पल मैं पुरी .... तो मुरादें नही ख्वाहिसे कहलाती....
Wednesday, July 22, 2009
दर्द ...!!!!
Tuesday, July 14, 2009
ना अब वों राह है..ना अब वों हम…!!!
खो गए ख्याल, टूट गई है कलम
चलते चलते लिया वक्त ने यूँ मोड़
जा रहे थे कहीं, चल दिए कहीं हम
ना कहने को कुछ, ना सुनने की ख्वाहिश
हर जज्बे से खाली जैसे अब हुए हम
अस्खों का समुन्दर उमड़ रहा है दिल मैं
खुश्क हैं लेकिन, नहीं हैं आँखें नम
खो रहे हैं पुराने, जुड़ रहे नए रिश्ते
Friday, June 19, 2009
Wednesday, June 17, 2009
एहसास ...
कितना प्यार करने लगे है ..
काश उन्हें यह एहसास हो जाए...
.ऐसा ना हो के वोह होश में तब आए जब हम गहरी नींद में सो जाए ..!!!
Tuesday, June 16, 2009
कल्पना

कल्पना के अनदेखे झूले में
सपनो के झरोखों से
एक बार मैंने देखा है तुम्हे
कंही खोकर ना रह जाए यह अहसास
बाँध लो हर साँस से साँस
प्यार का सफर लंबा नही
तुम उही ना बिछड़ जाओ कही
ज़िन्दगी का अब एतबार नही
खाली जीवन हमें स्वीकार नही
जहाँ मेरी सीमा नही
उड़ना चाहते हो तुम वन्ही
उन सीमओं से परे मैंने देखा है तुम्हे
कल यह नज़ारे बदल ना जाए कंही
रो़क ना ले यह रस्मो रिवाज़ कंही
छोड़ दुनिया के साथ सभी
तोड़ सब बंधन आज यंही
खुले पंछी की तरह देखा है तुम्हे
इंतज़ार की इन्तहा हुए
आज तो मान जा युही
तुम्ही से प्यार है कहती हु
तुम बिन यह निरर्थ जीवन जीती हु
जीवन की जगह देखा है तुम्हे
कल्पना के अनदेखे झूले में
सपनो के झरोखों से
एक बार मैंने देखा है तुम्हे…
Monday, June 15, 2009
क्या इस का नाम प्यार है..?
एक पल में वो हस देते है…
दूजे ही पल में खफा हो जाते है…
खट्टी-मीठी नोक झोक से…
हम एक दूजे का दिल बहलाते है…
क्या इसका ही नाम प्यार है?
उनके साथ यह दुनिया भरी सी लगती…
उनके बिना अजीब सा सूनापन है…
दुर्र सही उनका साथ मुझे है महसूस होता…
बात न होने से विराना है..
क्या इसका ही नाम प्यार है?
पल पल मुझे वो है सताते…
मुझे ही याद करते है हर पल..
फ़िर भी है क्यों इनता इतराते…
कभी खुशी का तो कभी गम का खुमार है…
क्या इसका ही नाम प्यार है?
प्यार हम दोनों एक दूजे से करते…
लडाई के मामले में भी आगे है रहते..
प्यार भी लडाई भी है…
नजदीकियां - तन्हाई भी है..
क्या इसका ही नाम प्यार है?
एक दूजे के बिना एक पल भी न रह पाते..
फ़िर भी लड़ने के बाद दोनों है इतराते..
एक दूजे की गलती मॉफ करना है हमने सीखा
हाँ इसीका नाम तो प्यार है…
Saturday, June 13, 2009
Silent Winds from the past..!!!
Someday a silent wind blew,
It whispered something into my ears,
And my soul started flying through years,
Life was new to me,
Nothing was as beautiful as he,
Another wind blew and,
I lost count of them,
Today it blew but never reached me,
Something was broken in between it and me,
Nothing happened except,
Those winds took my everything except me….



