
नाम मेरा लेते हुए
अब वो डरता है
जो पल पल कहता था
जो पल पल कहता था
मेरे पास कुछ नहीं है
तेरे नाम के सिवा ....
मेरी तम्मनाये करे कब तक इंतजार कोई भी दुआ इसे गले क्यों नही लगती, अगर हो जाती मुरादें पल मैं पुरी .... तो मुरादें नही ख्वाहिसे कहलाती....




