Saturday, March 14, 2009


जो असू ना होते आँखों में
तो आंखें इतनी खुबसूरत ना होती

जो दर्द ना होता दिल में
तो खुशी की कोई कीमत ना होती

जो बेवफाई ना की होती वक्त ने
तो वफ़ा की कभी चाहत ना होती

अगर सोचने से पूरी हो जाती मुरादें
तो दुआओं की कभी ज़रुरत ना होती
******पलक******

Thursday, January 8, 2009

गर ये आखे किसी की शिफारिश ना करती

गर ये आखे किसी की शिफारिश ना करती
दिलों से महोब्बत की पहचान होती
और महोब्बत इतनी आसन ना होती
गर ये आखे किसी की शिफारिश ना करती
उल्फत - ऐ - महोब्बत किसी के दीदार से ना बढती
दर्द की परिभाषा यु रोज ना बदलती
गर ये आखे किसी की शिफारिश ना करती
हुस्न और इश्क की ना कोई जंग होती
प्रेम के ढाई आखर यु प्रेम ग्रन्थ ना बनते
गर ये आखे किसी की शिफारिश ना
आजमाइश - ऐ - महोब्बत यु ना रंग लाती
With Special Thanks to My Best Friend Purvi . I Hope .... purvi u ill like bit editing in this poem..
palak


Wednesday, January 7, 2009

कुछ सवाल कुछ अनकहे जवाब ...

पल ही ऐसा था की हम इनकार न कर पाए…
ज़माने के डर से इकरार न कर पाए…
न थी जिनके बिना ज़िन्दगी मुनासिब…
छोड़ दिया साथ उन्होंने और हम सवाल तक न कर पाए…
एक सवाल का ही दायरा था..
हम पार कर न सके....
जो हो गए थे मन् ही मन् हमारे...
चाहकर भी उन्हें इजहार कर न सके..
तकदीर में था ही बिछड़ना हमे..
सोच कर कभी आगे बढ न सके...
आज भी मुकाम है उनका इतना ..
चाहकर भी आजतक नज़रे उठा न सके.
पाने से खोने का मजा और है..
बंद आंखों में रोने का मजा और है..
आंसू बने ग़ज़ल और इस ग़ज़ल में आप के होने का मज़ा कुछ और है...
खोज सको तो खोज लो अपने आप को मेरे शब्दों मैं
सिर्फ़ आप का ही नाम बिखरता जाता है
पलक

Tuesday, January 6, 2009

बेजुबान एहसास

जो करता है तुमसे प्यार
वो ही देता है तकलीफ हज़ार
उसके दिल में होता है
तुम्हारी हर बात के लिए इकरार
करो तुम चाहे उस से कितना भी इनकार
लगेगा वो तुम्हे प्यारा हर बार
रूठ जाओगे तोह मनायेगा वो
हर बात पर तुमसे करेगा तकरार
पर एक बार उस से कह कर देखना
जिंदगी भर करेगा तुम्हारा इन्तेज़ार
तुम्हारे हर दुःख को अपनाकर
देगा तुम्हे खुशियाँ हज़ार
करेगा तुम्हारी हिफाज़त कुछ वैसे ही
जैसे फूलों की हिफाजत कांटे करते है हर बार
पलक

Friday, December 26, 2008

Why`???

Why do you hope anything from someone?

Why someone, whom you trust most and to whom you look for support, never lies true to your expectations?

Why someone, whom you can never see upset, is always busy when you need him/her the most?



Why someone, whom you are always ready to hear, doesn't give you his/her ears when you want to talk to them?

Why???

Sunday, December 21, 2008

सपना ...!!!!!!!


हर बार उँगलियों को छू के ;
हाथ से फिसलता सपना;


पास आके कोसो दूर
निकल जाने वाला सपना;
उम्मीद की हर डोर
हर बीते दिन पे
कमजोर बनने वाला सपना;


फिर भी हर नए दौर में
नई रोशनी देता सपना ..


इन आखों में सजता ये सपना;
जिंदगी को नया रूप रंग देता,
जीने के लिए एक मकसद देता,
फिर से टूटने के लिए
उभरता एक और नया सपना !!


पलक

Wednesday, December 17, 2008


है अफताब उसमें ऐसा
जलना ज़मीन को पड़ता है
नशा तो उनकी बातों मैं होता है
तड़पना इस दिल को पढता है

यह तेरी ही बातों का कसूर है
मैं अकेली तोह गुनेगार नही
यह तेरी ही अदाओं का सुरूर है
यह इश्क कसूरवार तोह नही